
शाहजहांपुर। पुवायां के मारवाह मार्डन स्कूल की आठ वर्षीय छात्रा मनप्रीत कौर के लिए बुधवार का दिन जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया। स्कूल वैन से घर लौटते समय, जेवा गांव के पास, अचानक वैन की करीब 15 दिन से खराब खिड़की/दरवाज़ा खुलने से मनप्रीत झटके में सड़क पर जा गिरी। इस भयानक हादसे में उसके पाँच दांत टूट गए और पैर में गंभीर चोटें आईं।
महमदपुर सहजनिया गांव निवासी मनप्रीत के पिता जोधवीर सिंह ने अपनी वेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वैन का दरवाज़ा करीब 15 दिनों से खराब था और उसका लॉक ढीला पड़ा था। उन्होंने कई बार चालक से इसे ठीक कराने की गुहार लगाई थी, लेकिन उनकी शिकायतें अनसुनी कर दी गईं। पिता का कहना है कि इसी लापरवाही ने उनकी बेटी को इस दर्दनाक हादसे का शिकार बना दिया। राहगीरों की मदद से बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां वह अब दर्द से जूझ रही है।
😠 ADM ने दिखाई सख्ती: अभियान शुरू
हादसे की जानकारी मिलते ही, बुधवार शाम अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार अपनी पत्नी के साथ स्वयं अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल बच्ची का हाल जाना, पिता की व्यथा सुनी और वैन संचालकों की घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। ADM ने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे वाहन बच्चों की सुरक्षित यात्रा नहीं, बल्कि “खतरे की चिट्ठी” बन चुके हैं।
ADM के निर्देश पर, गुरुवार सुबह से ही स्कूल वैनों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया गया। मानकों के विपरीत पाए गए कई वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की गई।
❓ सवाल बरकरार: क्या बड़े हादसे का इंतज़ार था?
एक मासूम छात्रा के टूटे दांतों ने प्रशासन को हरकत में ला दिया, लेकिन यह सवाल हवा में तैरता रहा कि क्या खिड़की/दरवाज़ा तब सुधरता जब कोई और बड़ा हादसा सामने आता? वैन संचालकों की यह लापरवाही कागज़ पर लिखी एक शिकायत से कहीं ज्यादा भारी पड़ गई, जिसका खामियाजा एक मासूम बच्ची को भुगतना पड़ा। प्रशासन की इस सख्ती से उम्मीद है कि भविष्य में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।